Saturday, May 20, 2017

Sardar Vallabhbhai Patel: Ek Shreshthatam Bharatiya –Dr. Ravindra Kumar (New Arrival)


Sanity in Education –Dr. Ravindra Kumar in Bhavan’s Journal, Mumbai (India) on May 15, 2017





Tuesday, May 9, 2017

बुद्धपूर्णिमा –डॉ0 रवीन्द्र कुमार





बुद्धपूर्णिमा –एशिया के महाप्रकाश शाक्यमुनि गौतम भारतभूमि पर अवतरित हुए, इसी दिन उन्हें महाज्ञान-प्राप्ति हुई और उनका महापरिनिर्वाण भी, इसलिए समस्त भारतवासियों के लिए गर्व का दिन I साथ ही, गौतम बुद्ध द्वारा प्रदत्त अतिव्यापक वैचारिक दृष्टिकोण पर, जो जीवन की सत्यमयी व्याख्या करने के साथ ही उसकी सार्थकता का मार्ग दिखाता हैं, विचार करने एवं उसके स्वयं अनुसरण के साथ ही सम्पूर्ण विश्व तक उसे ले जाने हेतु प्रतिबद्ध होने का शुभदिवस I

Wednesday, March 29, 2017

वास्तविक दोषी कौन: शिक्षा अथवा शिक्षक ? –डॉ0 रवीन्द्र कुमार


यदि शिक्षित समझा जाने वाला व्यक्ति वृहद् मानव कल्याण के विपरीत निजी अथवा समूह-हित सिद्धि के लिए प्रयासरत होमावनता के विरुद्ध कार्य करे, तो इसमें दोष शिक्षा का नहीं है I दोष, वास्तव में, शिक्षक का है, जिसने शिक्षा के वास्तविक अभिप्राय –शिक्षा की मूल भावना के अनरूप उसे आचरण करना नहीं सिखाया है I – डॉ0 रवीन्द्र कुमार

Tuesday, March 14, 2017

Education in Democracy –Dr. Ravindra Kumar



“It is true that democracy is a manmade institution –a grand establishment, in which abuses are also more likely. Even then, democracy is the best system of governance eventually dedicated to the wellbeing of all within its ambit; for, proper education of the makers of the system with the purpose of acquaintance with its basic spirit and minimizing the abuses is necessary.” –Dr. Ravindra Kumar